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शिया वक्फ बोर्ड के मसायल को लेकर राज्यपाल से मिले मौलाना

लखनऊ || शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मसाएल को लेकर आज मजलिसे उल्माये हिन्द के प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना सैयद कल्ब-ए-जव्वाद नकवी के साथ राज्यपाल उत्तर प्रदेश राम नाइक से राजभवन में मुलाकात की ।उल्मा ने राज्यपाल को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और कहा कि वह वक्फ बोर्ड के समस्याओं का समाधान कराएं ।मोलाना सैयद क्लब जवाद नकवी ने कहा कि अगर वक्फ बोर्ड में ऐसे सदस्य रहे तो वक्फ बोर्ड की संपत्तियां नष्ट होजायेंनी इसलिए उनकी जांच कराई जाए |

kalbeराज्यपाल ने उलेमाओं कहा यह मामला बहुत गम्भीर है आप लोगों ने मुलायम सिंह यादव से इस संबंध में मुलाकात क्यों नहीं की? मौलाना ने कहा कि हम मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को तीन बार इस संबंध में पत्र लिखे और मुलाकात का समय मांगा लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया । वह पत्र जो मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को लिखे हैं उनकी प्रतिलिपि ज्ञापन के साथ राज्यपाल को सौंपी गई |

राज्यपाल ने मौलाना को आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में वक्फ मामलात के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करेंगे और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी| मोलाना ने कहा आपसे अनुरोध है कि सरकार के द्वारा बनाए गए वक्फ बोर्ड को कार्य संचालन की अनुमति बिना जांच न दी जाए।

1। सी बी सीआईडी जांच में विभिन्न जिलों में वक्फ घोटाले के दोषी पाए गए वसीम रिजवी ने सरकार की कार्रवाई से भयभीत होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद सरकार ने वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया था .सुपरीम कोर्ट ने केवल हाईकोर्ट का आडर ससपैंड किया है लेकिन अध्यक्ष की बहाली के लिए कोई निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया । विभिन्न एफआईआर और वारंट होने के बाद भी वसीम रिजवी को गिरफ्तार नहीं किया गया। इस पर ये कि इस्तीफा देने के बाद भी फिर से (बिना चुनाव के ) के उसी को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया .सी बी सीआईडी जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी सरकार ने अध्यक्ष पद पर उन्हें दोबारा चुना .जिन लोगों ने अभी उन्हें अध्यक्ष चुना है उन सदस्यों पर भी कई अलग अलग थानों में एफआईआर दर्ज हैं । सदस्यो मै वकफ बेचने के दोषी भी शामिल हैं। ऐसे सदस्यों को वक्फ बोर्ड में लाना और उनकी इच्छा से चेयरमैन का चयन करना कैसे कानूनी हो सकता है। . कृपया अपने स्तर पर उसकी जांच कराएं।

2। एमएलसी कोटे से सदस्य बने एक व्यक्ति पर आरोप है कि अनहोने ने ग्रीन बेल्ट पर अपनी निजी इमारतें बनाई हैं। जिस जमीन पर ये बिलडिगंे बनाई हैं वे हुसैन बसे ट्रस्ट की संपत्ति है, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के एक बड़े वक्फ को बेच दिया है .उनकी अपने तस्तर पर जांच कराएं।

3। वक्फ बोर्ड के सभी सदस्य की एजुकेषन योग्यता की जांच कराई जाए कि वे इस स्तर पर खरे उतरते हैं या नहीं उसके बाद आप उचित कारवायी करें

4। मुजव्वली पद के लिए और सदस्यों के लिए वक्फ एक्ट में शर्त है कि वह नशे के आदी ना हों आप उसकी भी जांच करें।