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यूपी में तकनीकी खामियों के चलते विद्युत संकट फिर बढ़ा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गर्मी के तल्ख तेवरों के बीच पारीछा और हरदुआगंज ताप संयंत्रों में तकनीकी खामियों के चलते प्रदेश में विद्युत संकट फिर बढ़ गया है। हालांकि पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने बाइलेट्रल से मिली 18 मिलियन यूनिट बिजली की मदद से संकट दूर कराने में लगा रहा, केन्द्रीय कोटे से भी एक हजार मेगावाट की बैकिंग का दावा किया है। राज्य के अधिसंख्य इलाकों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से बिजली की औसत मांग बढ़कर 12500 मेगावाट को पार कर चुकी है।

powercutमांग और आपूत्ति के बीच करीब 700 मेगावाट के अंतर को पूरा करने के लिये बिजली कटौती की बढ़ा दी गयी है। उप्र पावर कारपारेशन के सूत्रों ने यहां बताया कि पिछले दिनों हरदुआगंज ताप बिजलीघर में हुई दुर्घटना से बाधित उत्पादन अब तक पटरी पर नही लौटा है। इस बिजलीघर में 200 मेगावाट की आठ नम्बर इकाई मे ओवरहालिंग का काम अंतिम दौर में है और उम्मीद है कि इस इकाई से अगले तीन दिनों में उत्पादन शुरू हो जाएगा।

पिछले एक पखवारे से 665 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाले इस बिजलीघर में 250 मेगावाट के करीब उत्पादन हो रहा है। यहां की 9 नम्बर की इकाई के दिन में ट्रिप कर जाने से उत्पादन बंद हो गया हालांकि बाद में इसे लाइटअप कर लिया गया। उन्होंने बताया कि झांसी स्थित पारीछा ताप संयंत्र में लाइन ट्रिप होने से उत्पादन घटकर 500 मेगावाट से नीचे चला गया। यहां की तीन इकाइयां कई घण्टे तक बंद हो रहीं।

210 मेगावाट की चार नम्बर इकाई में ग्रिड पण्राली के ट्रिप होने से उत्पादन ठप हुआ जबकि 110 मेगावाट की एक नम्बर इकाई व 210 मेगावाट की तीन नम्बर की इकाई में आपूत्ति बाधित होने से उत्पादन लड़खड़ा गया। हालांकि अभियंताओं ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद समस्या का निराकरण कर लिया। सूत्रों ने बताया कि गर्मी बढ़ने से मांग में हुए इजाफे से निपटने के हरसंभव उपाय किये जा रहे हैं।