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बीएचयू में साइबर लाइब्रेरी आंदोलन के समर्थन में NSUI का प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला

वाराणसी || 11 मई को बीएचयू कुलपति से NSUI का प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला। साइबर लाइब्रेरी मुद्दे पर चल रहे आंदोलन पर समर्थन जताते हुए छात्रों की मांग को जायज बताया। बीएचयू प्रशासन द्वारा छात्रों की इस आवष्यक माँग को न मानने की स्थिति में व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दिया।

छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रोफेसर त्रिपाठी के सम्मुख मुखर विरोध दर्ज करते हुए NSUI प्रदेश अध्यक्ष और शोध छात्र विकास सिंह और स्नातक छात्र शांतनु सिंह को नोटिस दिए जाने को तानाशाही और अविवेकपूर्ण कारवाई करार दिया और कुलपति के इस निर्णय से परीक्षा के समय तनाव उतपन्न होने की आशंका जताई।

bhuछात्रों ने गांधीवादी माँग को बातचीत से न सुलझाकर ऐसे तानाशाही ढँग से निबटाने के तरिके को उकसाऊ करार दिया और निकट भविष्य में किसी बड़े छात्र आंदोलन की ज़मीन तैयार करने को उत्प्रेरक के तौर पर माना। ज्ञातव्य है पूर्व में यह लाइब्रेरी 24 घंटे ही खुलती रही है , विवि के आसपास के वे छात्र जो की छात्रावास सुविधा नहीं पा पाते है उन्हें बिजली पानी की उपलब्धता कम रहती है।

वे छात्र अतयन्त अस्वस्थ्यकर परिस्थितियों में रहते है। उनकी इस स्थिति को देखते हुए ही विवि प्रशासन ने छात्रहित में लाइब्रेरी को 24 घंटे खुलवाने लिया था। विगत समय में सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही से लाइब्रेरी में कुछेक चोरी वगैरह की अप्रिय घटना हुई जिसके वजह से लाइब्रेरी का समय घटाया गया 11 तक ही पठन पाठन को सिमित किया गया है।

परीक्षा, गर्मी और उपरोक्त वर्णित अव्यवस्थाओं को देखते हुए छात्रों की यह माँग जायज़ प्रतीत होती है। छात्रों ने कहा की भारतीय राष्ट्रिय छात्र संगठन ( NSUI ) प्रशासनिक लापरवाही वश जो नोटिस मिली है उसे अविलम्ब वापस लेने की मांग करता है साथ ही छात्रहित के व्यापक नजरिए से साइबर लाइब्रेरी के लिए आंदोलित छात्रों से वार्ता कर कोई समाधान निकालने को आशान्वित है और यदि कुलपति प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो बड़े आंदोलन को झेलने को तैयार रहे।

प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से रामजी पांडेय, धनञ्जय त्रिपाठी, ओम शुक्ला, ज़फ़र हसनैन, चन्दन पटेल, आनंद पांडेय, आकाश सिंह, वागीश मिश्र, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।