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नोटबंन्दी कालेधन के कुबेरों की कंगाली और गरीबों की खुशहाली : मुख्तार अब्बास नकवी

बरेली/लखनऊ || भारतीय जनता परिवर्तन यात्रा के दौरान बरेली में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि काले धन-भ्रष्टाचार के खिलाफ दशकों से नारे लगते रहें, इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णायक निर्णय कर “काले धन के कुबेरों की कंगाली और गरीबों की खुशहाली की इबारत लिख दी है।“

उत्तर प्रदेश के बरेली में फरीदपुर, विथरी चैनपुर और आंवला में ‘परिवर्तन यात्रा‘ के दौरान बड़ी संख्या में आये लोगों को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की काले धन-भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्रनीति है। यही राष्ट्रनीति गरीबों की आँखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली की गारंटी बनेगी।

naqwनकवी ने कहा कि सात दशकों से जनता की गाढ़ी कमाई की लूट पर छूट देने वाली ‘लूट लॉबी‘ का साथ देने वाले कुछ राजनीतिक पार्टियां एवं लोग पूरे देश के सामने बेपर्दा हो गए हैं। ऐसे लोग आज एक ईमानदार, मजबूत इक्छा शक्ति वाले प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के हित में लिए गए इतने बड़े और असरदार फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं।

ऐसे राजनीतिक दलों और लोगों का यह कदम देश के मूड और माहौल के खिलाफ है क्योंकि आज बैंक और एटीएम के आगे लाइन में लगा आम आदमी मोदी के इस फैसले का तहेदिल से स्वागत कर रहा है। आज गरीब, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले इंसान, किसान सभी नोटबंदी के फैसले का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि मोदी का यह कदम देश को खुशहाली के रास्ते पर तेजी से आगे ले जायेगा।

नकवी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद मई 2014 में अपनी पहली कैबिनेट बैठक में श्री मोदी ने काले धन पर एसआईटी का गठन कर दिया था। इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (आईडीएस) और अन्य माध्यमों से 1.25 लाख करोड़ से ज्यादा का काला धन बाहर आया है। नकवी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए के दस वर्षों के दौरान कामनवेल्थ खेल घोटाला, 2जी घोटाला, कोयला घोटाला, आदर्श सोसाइटी घोटाला जैसे कितने घोटाले हुए और इन घोटालों में सरकारी धन की जम कर लूट हुई वो भी केंद्र सरकार की नाक के नीचे।

आज उन्ही लोगों को जनता की खुशहाली की दिशा में हो रहा परिवर्तन हजम नहीं हो रहा है। उन्हें एक ईमानदार, पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में उठते कदम तकलीफ दे रहे हैं। नकवी ने कहा कि नोटबंदी जैसे ईमानदार निर्णय का विरोध करने वाले कुछ राजनीतिक दलों ने संसद को बाधित किया है। इन दलों का मकसद नोटबंदी पर गंभीर चर्चा ना कर सिर्फ हंगामा करना है। इन राजनीतिक दलों के आक्रोश दिवस और काला दिवस को जनता का समर्थन नहीं मिला।
श्री नकवी ने कहा कि जब नोटबंदी जैसे बड़े और कड़े फैसले लिए जाते हैं तो कुछ तकलीफ जरूर होगी। लेकिन जनता इस तकलीफ को स्वीकार कर रही है क्योंकि कुछ समय की तकलीफ के बाद आम आदमी का भविष्य सुनहरा होगा।

नकवी ने आगे कहा कि नोटबंदी ने उत्तर प्रदेश में “बबुआ और बुआ‘‘ दोनों को परेशान कर दिया है। नोटबंदी का बेतुका विरोध कर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों का ही चेहरा जनता के सामने बेपर्दा हुआ है। जिन लोगों का काला धन एक ही रात में रद्दी बन कर रह गया उनको नोटबंदी ने चिंता में डाल दिया, लेकिन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और बहन जी मायावती को बताना चाहिए की आखिर वो नोटबंदी से क्यों परेशान हैं?

नकवी ने कहा कि बबुआ और बुआ दोनों ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया। दोनों की सरकारों के दौरान कानून व्यवस्था नाम की चीज नजर नहीं आई। समाजवादी पार्टी की सरकार राज्य में जमीन और खनन माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम रही है। नकवी ने कहा कि बुआ और बबुआ चाचा और भतीजा का खेल बहुत हो गया। जनता इनसे ऊब चुकी है और राज्य की सत्ता में परिवर्तन चाहती है। उत्तर प्रदेश की जनता ने इस बार मन बना लिया है। भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार को बनने से कोई नहीं रोक सकता। सिर्फ भाजपा ही उत्तर प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर ले जा सकती है।

केंद्र की मोदी सरकार किसान, दलित, अल्पसंख्यकों सहित सभी कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ काम कर रही है। जन धन योजना उज्जवला योजना जैसे कार्यक्रम समाज के आखिरी व्यक्ति के विकास की गारन्टी साबित हो रहे हैं। उज्जवला योजना के तहत 1 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया गया है। उत्तर प्रदेश में 34 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन दिया गया है। मोदी सरकार 2022 तक हर व्यक्ति को आवास मुहैया कराने के मिशन पर काम कर रही है।

सांसद धर्मेन्द्र कश्यप ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बहाई जा रही विकास की गंगा प्रदेश में सूख जाती है। 14 वर्षो से प्रदेश विकास नहीं विनाश पथ पर है। आइए भाजपा की सरकार बनाकर प्रदेश को खुशहाली के पथ पर ले चले।
(हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव)