Share

जवाहर भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर कर्मचारी ने दी जान

लखनऊ || जवाहर भवन में ग्राम विकास कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक हरिशचंद्र यादव ने बुधवार की दोपहर जवाहर भवन की पांचवीं मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी। हरिशचंद्र की आत्महत्या पर सहयोगियों ने अपर आयुक्त प्रशासन पर प्रताडऩा का आरोप लगाया है। फिलहाल इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी है।

jumpएसपी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि उन्नाव के नवाबगंज निवासी 59 वर्षीय हरिशचंद्र यादव ग्राम विकास में प्रधान सहायक के पद पर तैनात थे। रोज की तरह बुधवार को भी वह ड्यूटी पर आये थे। दोपहर करीब 1 बजे के आसपास हरिशचंद्र जवाहर भवन की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और नीचे कूद गये।

हरिशचंद्र के पांचवीं मंजिल से कूदते ही वहां अफरा-तफरी मच गयी। लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी। सूचना मिलते ही मौके पर हजरतगंज पुलिस भी पहुंच गयी। पुलिस ने आनन-फानन में हरिशचंद्र को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने हरिशचंद्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हरिशचंद्र की मौत की खबर उसके परिवार वालों को भी दी।

खबर पाकर उन्नाव में रहने वाली हरिशचंद्र की पत्नी जयवंती व अन्य लोग पहुंच गये। सिविल अस्पताल की मर्चूरी में मौजूद कर्मचारियों व अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने ग्राम विकास विभाग के अपर आयुक्त प्रशासन हमेंत कुमार पर हरिशचंद्र का प्रताडि़त करने का आरोप भी लगाया। ग्राम विकास के प्रधान सहायक की आत्मतहत्या की खबर पाकर ग्राम विकास आयुक्त कामरान रिज़वी भी सिविल अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने परिवार वालों से बातचीत की और उनकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हरिशचंद्र के सहयोगियों ने बताया कि एक-दो दिन के अंदर ही हरिशचंद्र का प्रमोशन भी होने वाला था और 31 जुलाई को वह सेवानिवृत्त हो रहे थे।

9 वीं मंजिल से कूदते हुए लोगों ने पकड़ा था

ग्राम विकास विभाग के मिनीस्ट्रिलय एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि दोपहर के वक्त हरिशचंद्र काफी तनाव में थे। 10 वीं मंजिल पर स्थित दफ्तर से नीचे उतरकर उन्होंने 9 वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान देने की कोशिश भी की थी पर इत्तिफाक से लोगों ने उसको पकड़ लिया।

इसके बाद कर्मचारी उनको अपने साथ ले गये और समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके कुछ ही देर के बाद हरिशचंद्र सीधे पांचवीं मंजिल पहुंचे और वहां से कूदकर अपनी जान दे दी। कर्मचारियों का कहना है कि हरिशचंद्र यादव बहुत की सरल स्वाभाव के कर्मचारी थे। करीब 15 दिन से काम को लेकर वह तनावग्रस्त थे। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर बेवजह प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है।